अध्याय 1 – पृथ्वी पर स्थानों का पता लगाना

अध्याय 1 – पृथ्वी पर स्थानों का पता लगाना

 

  1. ग्लोब (Globe)
  • ग्लोब (Globe) पृथ्वी का एक सत्य प्रतिरूप (True Model) है।
  • यह हमें पृथ्वी की आकृति, महाद्वीपों, महासागरों और देशों की स्थिति को समझने में मदद करता है।
  • ग्लोब अलग-अलग आकार और प्रकार के हो सकते हैं – कुछ बड़े और कुछ छोटे, कुछ पॉकेट-आकार के।
  • हम ग्लोब को वैसे ही घुमा सकते हैं जैसे एक कुम्हार का चाक या लट्टू घूमता है।
  1. अक्ष (Axis)
  • ग्लोब पर एक सुई झुकी हुई स्थिति में लगी होती है, जिसे अक्ष (Axis) कहते हैं।
  • यह एक काल्पनिक रेखा (Imaginary Line) है जिसके चारों ओर पृथ्वी घूमती है।
  • उत्तरी ध्रुव (North Pole) और दक्षिणी ध्रुव (South Pole) दो बिंदु हैं जिनसे अक्ष गुजरता है।
  • पृथ्वी वास्तव में नहीं झुकी होती, यह केवल ग्लोब पर एक मॉडल के रूप में दिखाया जाता है।
  1. विषुवत वृत्त (Equator)
  • अक्ष के अलावा, ग्लोब पर एक और काल्पनिक रेखा होती है जो ग्लोब को दो बराबर भागों में बांटती है। इसे विषुवत वृत्त (Equator) कहते हैं।
  • विषुवत वृत्त पृथ्वी पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु है।
  • विषुवत वृत्त के उत्तर में स्थित आधे भाग को उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) और दक्षिण में स्थित आधे भाग को दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) कहते हैं।
  • ये दोनों बराबर आधे भाग होते हैं।
  1. अक्षांश रेखाएँ (Latitudes)
  • विषुवत वृत्त से ध्रुवों तक सभी समांतर वृत्त अक्षांश रेखाएँ (Parallels of Latitudes) कहलाती हैं।
  • इन्हें डिग्री (Degrees) में मापा जाता है।
  • विषुवत वृत्त का अक्षांश होता है।
  • जैसे-जैसे हम विषुवत वृत्त से ध्रुवों की ओर बढ़ते हैं, अक्षांश का मान बढ़ता जाता है।
  • उत्तरी ध्रुव 90° उत्तरी अक्षांश पर है, और दक्षिणी ध्रुव 90° दक्षिणी अक्षांश पर है।
  • महत्वपूर्ण अक्षांश रेखाएँ (Important Parallels of Latitudes):
    • कर्क रेखा (Tropic of Cancer): 23.5° उत्तरी अक्षांश (उत्तरी गोलार्ध में)
    • मकर रेखा (Tropic of Capricorn): 23.5° दक्षिणी अक्षांश (दक्षिणी गोलार्ध में)
    • आर्कटिक वृत्त (Arctic Circle): 66.5° उत्तरी अक्षांश (उत्तरी ध्रुव के पास)
    • अंटार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle): 66.5° दक्षिणी अक्षांश (दक्षिणी ध्रुव के पास)
  1. कटिबंध (Heat Zones)

अक्षांश रेखाएँ पृथ्वी पर विभिन्न ताप कटिबंधों (Heat Zones) को परिभाषित करती हैं:

  1. उष्ण कटिबंध (Torrid Zone):
    • यह कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच का क्षेत्र है।
    • इस क्षेत्र में सूर्य की किरणें वर्ष में कम से कम एक बार ठीक सिर के ऊपर पड़ती हैं, जिससे यहाँ अधिकतम ऊष्मा प्राप्त होती है।
    • यह सबसे गर्म कटिबंध है।
  1. शीतोष्ण कटिबंध (Temperate Zones):
    • उत्तरी शीतोष्ण कटिबंध: कर्क रेखा और आर्कटिक वृत्त के बीच का क्षेत्र।
    • दक्षिणी शीतोष्ण कटिबंध: मकर रेखा और अंटार्कटिक वृत्त के बीच का क्षेत्र।
    • इन क्षेत्रों में सूर्य की किरणें कभी भी सीधे सिर के ऊपर नहीं पड़तीं।
    • यहाँ का तापमान मध्यम होता है।

iii. शीत कटिबंध (Frigid Zones):

    • उत्तरी शीत कटिबंध: आर्कटिक वृत्त और उत्तरी ध्रुव के बीच का क्षेत्र।
    • दक्षिणी शीत कटिबंध: अंटार्कटिक वृत्त और दक्षिणी ध्रुव के बीच का क्षेत्र।
    • यहाँ सूर्य की किरणें बहुत तिरछी पड़ती हैं और क्षितिज से ऊपर नहीं उठतीं, इसलिए यहाँ बहुत ठंड होती है।

 

 

  1. देशांतर रेखाएँ (Longitudes)
  • अक्षांश रेखाओं के अलावा, पृथ्वी पर स्थानों का सटीक पता लगाने के लिए देशांतर रेखाओं (Meridians of Longitude) की आवश्यकता होती है।
  • ये उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से जोड़ने वाली अर्धवृत्ताकार रेखाएँ होती हैं।
  • सभी देशांतर रेखाओं की लंबाई समान होती है।
  • प्रधान याम्योत्तर (Prime Meridian):
    • यह देशांतर है, जो लंदन के पास ग्रीनविच में स्थित रॉयल ऑब्जर्वेटरी से होकर गुजरती है।
    • इसे ग्रीनविच याम्योत्तर भी कहते हैं।
    • यह पृथ्वी को पूर्वी गोलार्ध (Eastern Hemisphere) और पश्चिमी गोलार्ध (Western Hemisphere) में विभाजित करता है।

 

  1. ग्रिड (Grid)
  • जब अक्षांश रेखाएँ और देशांतर रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो वे एक ग्रिड (Grid) बनाती हैं।
  • इस ग्रिड का उपयोग करके हम पृथ्वी पर किसी भी स्थान का सटीक पता लगा सकते हैं।
  • किसी भी स्थान की स्थिति बताने के लिए हमें उसके अक्षांश और देशांतर दोनों का पता होना चाहिए।
  • उदाहरण: दिल्ली 28.7° उत्तरी अक्षांश और 77.2° पूर्वी देशांतर पर स्थित है।

 

  1. समय का मापन और देशांतर (Measuring Time and Longitude)
  • पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है।
  • पृथ्वी को एक देशांतर से दूसरे देशांतर तक जाने में 4 मिनट का समय लगता है। (360° देशांतर घूमने में 24 घंटे लगते हैं, तो 1° घूमने में 24 घंटे / 360° = 1440 मिनट / 360° = 4 मिनट)।
  • ग्रीनविच माध्य समय (Greenwich Mean Time – GMT): ग्रीनविच में प्रधान याम्योत्तर पर जो समय होता है, उसे GMT कहते हैं।
  • स्थानीय समय (Local Time): किसी स्थान का स्थानीय समय दोपहर में सूर्य की स्थिति से निर्धारित होता है।
  • मानक समय (Standard Time):
    • एक देश के भीतर समय की एकरूपता बनाए रखने के लिए, एक केंद्रीय देशांतर रेखा के स्थानीय समय को पूरे देश का मानक समय माना जाता है।
    • भारत का मानक याम्योत्तर: 82.5° पूर्वी देशांतर को भारत का मानक याम्योत्तर माना जाता है।
    • इसका कारण यह है कि भारत में देशांतर का विस्तार लगभग 30° है, जिससे स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर आ सकता है।
    • भारतीय मानक समय (Indian Standard Time – IST): 82.5° पूर्वी देशांतर का स्थानीय समय, जो GMT से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।

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