अध्याय 4 – इतिहास की समय–रेखा और स्रोत
- इतिहास क्या है? (What is History?)
- इतिहास (History) अतीत का अध्ययन है।
- यह हमें बताता है कि अतीत में क्या हुआ, कब हुआ, कैसे हुआ और क्यों हुआ।
- इतिहास का अध्ययन हमें अपने वर्तमान को समझने और भविष्य के लिए योजना बनाने में मदद करता है।
- तिथियाँ और काल-निर्धारण (Dates and Dating)
- इतिहास में तिथियाँ बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।
- ईसा पूर्व (B.C. – Before Christ) / ई.पू. (ईसा पूर्व): उन घटनाओं के लिए उपयोग किया जाता है जो यीशु मसीह के जन्म से पहले हुई थीं।
- ईस्वी (A.D. – Anno Domini) / ई. (ईस्वी): उन घटनाओं के लिए उपयोग किया जाता है जो यीशु मसीह के जन्म के वर्ष से शुरू हुई थीं।
- वर्तमान में उपयोग (Current usage): आजकल B.C.E. (Before Common Era) और C.E. (Common Era) का भी उपयोग किया जाता है। B.C.E. = B.C. और C.E. = A.D.।
- इतिहास के स्रोत (Sources of History)
इतिहासकार अतीत के बारे में जानने के लिए विभिन्न स्रोतों का उपयोग करते हैं। ये स्रोत हमें पिछली सभ्यताओं, जीवनशैली, संस्कृति और घटनाओं के बारे में जानकारी देते हैं। मुख्य स्रोत दो प्रकार के होते हैं:
- पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources):
-
- ये भौतिक अवशेष होते हैं जो जमीन में दबे हुए पाए जाते हैं।
- उदाहरण:
- अवशेष (Remains): पुरानी इमारतें, मंदिर, किले, गुफाएँ।
- स्मारक (Monuments): विशेष रूप से निर्मित संरचनाएँ (जैसे स्तूप, मस्जिदें)।
- बर्तन (Pottery): मिट्टी के बर्तन, उनके डिजाइन और निर्माण की विधि हमें उस समय की संस्कृति और तकनीक के बारे में बताती है।
- औजार और हथियार (Tools and Weapons): पत्थर, धातु या हड्डियों से बने औजार और हथियार हमें उनके जीवन शैली और तकनीकी कौशल के बारे में बताते हैं।
- आभूषण (Ornaments): गहने हमें उस समय के लोगों के कलात्मक स्वाद और धन के बारे में बताते हैं।
- सिक्के (Coins): ये शासकों के नाम, उनके शासनकाल की अवधि, धर्म और आर्थिक स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।
- शिलालेख (Inscriptions): चट्टानों, पत्थरों, स्तंभों, दीवारों, धातुओं या मिट्टी के बर्तनों पर खुदे हुए लेख। ये राजाओं के आदेश, दान, विजय और धार्मिक प्रथाओं के बारे में जानकारी देते हैं।
- उदाहरण: अशोक के शिलालेख।
- साहित्यिक स्रोत (Literary Sources):
-
- ये लिखित रिकॉर्ड होते हैं।
- उदाहरण:
- धार्मिक ग्रंथ (Religious Texts): वेद, रामायण, महाभारत, पुराण, जातक कथाएँ, बाइबिल, कुरान आदि। ये हमें उस समय के धार्मिक विश्वासों, दर्शन और सामाजिक संरचना के बारे में बताते हैं।
- धर्मनिरपेक्ष ग्रंथ (Secular Texts):
- नाटक और कविताएँ (Plays and Poems): कालिदास के नाटक, जो सामाजिक जीवन और मनोरंजन के बारे में बताते हैं।
- जीवनी (Biographies): राजाओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों के जीवन का वृत्तांत।
- यात्रा वृत्तांत (Travelogues): विदेशी यात्रियों द्वारा भारत के बारे में लिखे गए लेख (जैसे मेगस्थनीज का ‘इंडिका’, फाहियान और ह्वेनसांग के वृत्तांत)। ये हमें उस समय की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति के बारे में बताते हैं।
- राजकीय अभिलेख (Court Records): राजाओं के दरबार में लिखे गए दस्तावेज़, जो प्रशासन और नीतियों के बारे में जानकारी देते हैं।
- आत्मकथाएँ (Autobiographies): किसी व्यक्ति द्वारा अपने जीवन के बारे में लिखी गई पुस्तक।
- पांडुलिपियाँ (Manuscripts): ये हाथ से लिखी गई पुस्तकें होती थीं। ये ताड़ के पत्तों या हिमालय में उगने वाले भूर्ज नामक पेड़ की छाल पर लिखी जाती थीं। ये हमें धर्म, चिकित्सा, विज्ञान, महाकाव्यों और नाटकों के बारे में जानकारी देती थीं।
- इतिहासकार और उनका कार्य (Historians and Their Work)
- इतिहासकार इन सभी स्रोतों को पढ़कर और उनका विश्लेषण करके अतीत का पुनर्निर्माण करते हैं।
- वे यह समझने की कोशिश करते हैं कि अतीत में लोग कैसे रहते थे, क्या खाते थे, क्या पहनते थे, कैसे शासन करते थे, और उनके समाज कैसे विकसित हुए।
- इतिहासकार स्रोतों की विश्वसनीयता (reliability) की जाँच भी करते हैं, क्योंकि कभी-कभी एक ही घटना के बारे में अलग-अलग स्रोत अलग-अलग जानकारी दे सकते हैं।
- समय-रेखा का महत्व (Importance of Timeline)
- एक समय-रेखा (Timeline) घटनाओं को उनके घटित होने के क्रम में दर्शाती है।
- यह हमें यह समझने में मदद करती है कि कौन सी घटना कब हुई और विभिन्न घटनाएँ एक-दूसरे से कैसे संबंधित हैं।
- यह हमें इतिहास की बड़ी तस्वीर को समझने में मदद करती है।
