अध्याय 5 – पौधों और जंतुओं का संरक्षण
- वनोन्मूलन (Deforestation)
- वनोन्मूलन का अर्थ है वनों (जंगलों) को काटना और उस भूमि का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए करना।
- वनोन्मूलन के कारण (Causes of Deforestation):
- भूमि प्राप्त करना: खेती के लिए, घर और कारखाने बनाने के लिए।
- लकड़ी का उपयोग: फर्नीचर बनाने या ईंधन के रूप में।
- दावानल (Forest Fires) और गंभीर सूखा (Severe Drought) जैसे प्राकृतिक कारण।
वनोन्मूलन के परिणाम (Consequences of Deforestation):
- पृथ्वी पर तापमान और प्रदूषण के स्तर में वृद्धि।
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के स्तर में वृद्धि: क्योंकि पेड़ CO2 का उपयोग करते हैं।
- भूजल स्तर में कमी (Lowering of Groundwater Level)।
- मिट्टी का कटाव (Soil Erosion) में वृद्धि: मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत हट जाती है।
- मरुस्थलीकरण (Desertification): उपजाऊ भूमि मरुस्थल में बदल जाती है।
- प्राकृतिक आपदाएँ: बाढ़ और सूखे में वृद्धि।
- वन्यजीवों के आवासों का विनाश: जिससे कई प्रजातियाँ विलुप्त होने की कगार पर हैं।
- वन्यजीव और पौधों का संरक्षण (Conservation of Wildlife and Plants)
- पौधों और जंतुओं के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान (National Parks), वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserves) जैसे संरक्षित क्षेत्र बनाए गए हैं।
- वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary):
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- यह वह क्षेत्र है जहाँ जंतुओं को उनके प्राकृतिक आवास में बिना किसी बाधा के सुरक्षित रखा जाता है।
- यहाँ जंतुओं का शिकार (poaching) करना या उन्हें पकड़ना सख्त वर्जित है।
- उदाहरण: भरतपुर पक्षी अभयारण्य, काजीरंगा वन्यजीव अभयारण्य।
- राष्ट्रीय उद्यान (National Park):
- ये बड़े और विविध क्षेत्र होते हैं जो वन्यजीवों के साथ-साथ पौधों की विविधता को भी संरक्षित करते हैं।
- ये एक पूरे पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का संरक्षण करते हैं।
- उदाहरण: सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान (भारत का पहला आरक्षित वन), काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (एक सींग वाले गैंडे के लिए)।
iii. जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve):
- ये विशाल संरक्षित क्षेत्र हैं जिनका उद्देश्य जैव विविधता और उस क्षेत्र की संस्कृति दोनों का संरक्षण करना है।
- इसमें अन्य संरक्षित क्षेत्र भी हो सकते हैं (जैसे राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य)।
- उदाहरण: पंचमढ़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र।
- जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र के अंदर, कुछ आदिवासी समुदाय भी अपने पारंपरिक तरीकों से रहते हैं और अपनी संस्कृति को बनाए रखते हैं।
- जैव विविधता (Biodiversity)
- जैव विविधता का अर्थ है पृथ्वी पर पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्रजातियाँ, उनके रहने के स्थान (आवास), और उनके बीच के संबंध।
- इसमें सभी पौधे, जंतु और सूक्ष्मजीव शामिल हैं।
- विशेष क्षेत्री प्रजाति (Endemic Species)
- विशेष क्षेत्री प्रजातियाँ वे प्रजातियाँ हैं जो केवल एक विशेष क्षेत्र या भौगोलिक स्थान में पाई जाती हैं।
- वे स्वाभाविक रूप से कहीं और नहीं पाई जातीं।
- इन प्रजातियों को वनोन्मूलन या आवास के नुकसान से अधिक खतरा होता है।
- उदाहरण: पंचमढ़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में, साल (Sal) और जंगली आम (Wild Mango) विशेष क्षेत्री वनस्पति हैं, और बाइसन (Bison), भारतीय विशाल गिलहरी (Indian Giant Squirrel) और उड़ने वाली गिलहरी (Flying Squirrel) विशेष क्षेत्री प्राणी हैं।
- संकटापन्न प्रजातियाँ (Endangered Species)
- संकटापन्न प्रजातियाँ वे जीव (पौधे या जंतु) हैं जिनकी संख्या इतनी कम हो गई है कि वे विलुप्त होने के कगार पर हैं।
- यदि उन्हें संरक्षित नहीं किया गया तो वे जल्दी ही पृथ्वी से समाप्त हो सकते हैं।
- उदाहरण: बाघ, नीली व्हेल, भारतीय गैंडा।
- विलुप्त प्रजातियाँ (Extinct Species)
- विलुप्त प्रजातियाँ वे प्रजातियाँ हैं जो अब पृथ्वी पर जीवित नहीं पाई जाती हैं।
- उदाहरण: डायनासोर, डोडो पक्षी।
- रेड डेटा पुस्तक (Red Data Book)
- रेड डेटा पुस्तक एक स्रोत पुस्तक है जिसमें सभी संकटापन्न पौधों और जानवरों का रिकॉर्ड रखा जाता है।
- यह विभिन्न देशों द्वारा बनाए रखी जाती है।
- प्रवास (Migration)
- प्रवास वह घटना है जिसमें प्रजातियाँ (विशेषकर पक्षी) हर साल अपनी प्रजनन भूमि या भोजन की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर लंबी यात्रा करती हैं।
- वे जलवायु परिवर्तन से बचने के लिए भी ऐसा करते हैं।
- उदाहरण: साइबेरियन क्रेन जैसे प्रवासी पक्षी हर साल भारत आते हैं।
- कागज का पुनर्चक्रण (Recycling of Paper)
- लगभग 17 पूर्ण विकसित वृक्षों को एक टन कागज बनाने के लिए काटा जाता है।
- कागज को 5 से 7 बार पुनर्चक्रित किया जा सकता है।
- कागज का पुनर्चक्रण हमें वनों को बचाने, ऊर्जा बचाने और पानी बचाने में मदद करता है।
- पुनर्वनरोपण (Reforestation)
- पुनर्वनरोपण का अर्थ है काटे गए वनों को फिर से लगाना।
- इसमें नए पेड़ लगाना शामिल है।
- हमें उतने ही पेड़ लगाने चाहिए जितने हम काटते हैं, या उससे भी अधिक।
- यह वनोन्मूलन के प्रभावों को कम करने में मदद करता है।
