अध्याय 10 – ग्राम स्तर पर लोकतंत्र – भाग 1: शासन
- लोकतंत्र क्या है? (What is Democracy?)
- लोकतंत्र (Democracy) शासन का वह रूप है जहाँ लोग अपनी सरकार चुनते हैं।
- इसमें लोग अपने प्रतिनिधियों को वोट देते हैं, जो उनकी ओर से शासन करते हैं।
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।
- लोकतंत्र में, सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह (Accountable) होती है।
- सरकार के स्तर (Levels of Government)
भारत में सरकार तीन स्तरों पर काम करती है:
- i. केंद्र सरकार (Central Government): पूरे देश के लिए कानून बनाती और शासन करती है।
- ii. राज्य सरकार (State Government): प्रत्येक राज्य के लिए कानून बनाती और शासन करती है।
- iii. स्थानीय सरकार (Local Government): गाँवों और शहरों के स्थानीय मुद्दों को देखती है। इसमें पंचायती राज (Panchayati Raj) प्रणाली शामिल है।
- ग्राम पंचायत (Gram Panchayat)
- ग्राम पंचायत स्थानीय स्वशासन का सबसे निचला स्तर है, जो गाँवों में काम करता है।
- यह ग्राम स्तर पर लोगों की समस्याओं को हल करने और उनके विकास के लिए जिम्मेदार है।
- संरचना (Structure):
- पंच (Panch) / वार्ड सदस्य (Ward Members): हर गाँव या वार्ड को छोटे-छोटे वार्डों में बांटा जाता है। प्रत्येक वार्ड से एक प्रतिनिधि चुना जाता है जिसे पंच या वार्ड सदस्य कहते हैं।
- सरपंच (Sarpanch) / प्रधान (Pradhan): ग्राम पंचायत का प्रमुख होता है। इसका चुनाव वार्ड सदस्यों द्वारा या सीधे गाँव के लोगों द्वारा किया जाता है।
- ग्राम पंचायत सदस्य: पंच और सरपंच मिलकर ग्राम पंचायत बनाते हैं।
- पंचायत सचिव (Panchayat Secretary): यह एक सरकारी कर्मचारी होता है, जिसे सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। यह पंचायत की बैठकों को बुलाता है और कार्यवाही का रिकॉर्ड रखता है। यह पंचायती राज प्रणाली में निर्वाचित प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है।
- ग्राम सभा (Gram Sabha)
- ग्राम सभा (Gram Sabha) सभी उन लोगों की बैठक होती है जो उस पंचायत क्षेत्र में रहते हैं और जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है और जिनका नाम मतदाता सूची में है।
- यह पंचायती राज प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि यह लोगों को सीधे सरकार के काम में भाग लेने का अवसर देती है।
- ग्राम सभा की भूमिका और कार्य (Role and Functions of Gram Sabha):
- चुनाव करना: पंचों और सरपंच के चुनाव में मदद करना।
- ग्राम पंचायत के काम की निगरानी: यह सुनिश्चित करना कि ग्राम पंचायत सही ढंग से काम कर रही है।
- योजनाओं को मंजूरी देना: ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की गई विकास योजनाओं को मंजूरी देना।
- निगरानी रखना: ग्राम पंचायत द्वारा किए गए धन के उपयोग की समीक्षा करना।
- जवाबदेही सुनिश्चित करना: पंचों और सरपंच को उनके कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराना।
- भ्रष्टाचार रोकना: किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को उजागर करना।
- ग्राम पंचायत के कार्य (Functions of Gram Panchayat)
ग्राम पंचायत गाँव के विकास और कल्याण के लिए कई कार्य करती है:
- पानी के स्रोत का रखरखाव (Maintenance of Water Sources): कुओं, हैंडपंपों और तालाबों का रखरखाव।
- सड़कों, नालियों का निर्माण और रखरखाव (Construction and Maintenance of Roads, Drains): गाँव में बुनियादी ढाँचा तैयार करना।
- सार्वजनिक भवनों का रखरखाव (Maintenance of Public Buildings): स्कूल भवन, सामुदायिक केंद्र आदि।
- स्थानीय करों का संग्रह (Collection of Local Taxes): गाँव में घरों और बाजारों पर कर लगाना।
- सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन (Implementation of Government Schemes): सरकारी योजनाओं को लागू करना जो गाँव के लोगों को लाभ पहुँचाती हैं।
- पशुधन विकास (Livestock Development): पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए काम करना।
- विवादों का निपटारा (Resolution of Disputes): गाँव स्तर पर छोटे-मोटे विवादों को सुलझाना।
- ग्राम पंचायत की आय के स्रोत (Sources of Income for Gram Panchayat)
ग्राम पंचायत को अपने कार्यों के लिए धन की आवश्यकता होती है, जो उसे विभिन्न स्रोतों से प्राप्त होता है:
- घरों और बाजारों पर कर (Taxes on Houses and Marketplaces): स्थानीय कर।
- विभिन्न सरकारी योजनाओं से प्राप्त धन (Money received from various government schemes): राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा दिया गया धन।
- जनपद पंचायत/जिला पंचायत से प्राप्त अनुदान (Grants from Janpad Panchayat/District Panchayat): उच्च स्तर की पंचायतों से प्राप्त अनुदान।
- समुदाय के दान (Donations from the Community): विभिन्न कार्यक्रमों के लिए लोगों द्वारा दिए गए दान।
- पंचायती राज के तीन स्तर (Three Levels of Panchayati Raj)
पंचायती राज प्रणाली भारत में तीन स्तरों पर काम करती है:
- i. ग्राम पंचायत (Gram Panchayat): सबसे निचले स्तर पर (गाँव स्तर पर)।
- ii. जनपद पंचायत / पंचायत समिति (Janpad Panchayat / Panchayat Samiti): ब्लॉक या तहसील स्तर पर। इसमें कई ग्राम पंचायतें शामिल होती हैं।
- iii. जिला पंचायत / जिला परिषद (Zila Panchayat / Zila Parishad): जिला स्तर पर। इसमें कई जनपद पंचायतें शामिल होती हैं।
- ये तीनों स्तर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन सुनिश्चित करते हैं।
