अध्याय 3 – कोयला और पेट्रोलियम
- संसाधन (Resources)
- हमारे दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली सभी वस्तुएँ संसाधन कहलाती हैं।
- संसाधनों के प्रकार (Types of Resources):
- प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources): वे संसाधन जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं और बिना किसी बड़े बदलाव के उपयोग किए जाते हैं।
- उदाहरण: हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, वन, वन्यजीव, सूर्य का प्रकाश।
- मानव निर्मित संसाधन (Man-Made Resources): वे संसाधन जो मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके बनाए जाते हैं।
- उदाहरण: घर, सड़कें, मशीनें, वाहन।
- प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources): वे संसाधन जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं और बिना किसी बड़े बदलाव के उपयोग किए जाते हैं।
प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण (Classification of Natural Resources):
- अक्षय प्राकृतिक संसाधन (Inexhaustible Natural Resources):
- ये प्रकृति में असीमित मात्रा में मौजूद होते हैं और मानवीय गतिविधियों से समाप्त नहीं होंगे।
- उदाहरण: सूर्य का प्रकाश, हवा।
- समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन (Exhaustible Natural Resources):
- ये प्रकृति में सीमित मात्रा में होते हैं और मानवीय गतिविधियों से समाप्त हो सकते हैं।
- इन संसाधनों के बनने में लाखों साल लगते हैं।
- उदाहरण: वन, वन्यजीव, खनिज, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।
- जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels)
- जीवाश्म ईंधन वे समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं जो लाखों साल पहले पृथ्वी के अंदर दबे हुए मृत जीवों (पौधों और जानवरों) के अवशेषों से बनते हैं।
- ये ऊर्जा के मुख्य स्रोत हैं।
- उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।
- कोयला (Coal)
- उत्पत्ति (Formation):
- लगभग 300 मिलियन (30 करोड़) साल पहले, पृथ्वी पर निचले जलीय क्षेत्रों में घने जंगल थे।
- प्राकृतिक प्रक्रियाओं जैसे बाढ़, भूकंप आदि के कारण ये जंगल मिट्टी के नीचे दब गए।
- जैसे-जैसे वे दबते गए, उन पर अधिक मिट्टी की परतें जमा होती गईं, जिससे वे संपीड़ित (compress) होते गए।
- उच्च दबाव और उच्च तापमान के कारण, ये धीरे-धीरे कोयले में परिवर्तित हो गए।
- मृत वनस्पति से कोयले में परिवर्तन की इस धीमी प्रक्रिया को कार्बोनाइजेशन (Carbonisation) कहते हैं।
उपयोग (Uses):
- खाना पकाने के ईंधन के रूप में (पुराने समय में)।
- रेलवे इंजनों में भाप बनाने के लिए।
- थर्मल पावर प्लांटों में बिजली उत्पादन के लिए।
- विभिन्न उद्योगों में ईंधन के रूप में।
कोयले के उत्पाद (Products of Coal):
- कोक (Coke): यह कोयले का लगभग शुद्ध रूप है। यह कठोर, सरंध्र (porous) और काला पदार्थ है। इसका उपयोग स्टील के निर्माण और कई धातुओं के निष्कर्षण में होता है।
- कोलतार (Coal Tar): यह एक काला, गाढ़ा तरल है जिसकी गंध अप्रिय होती है। इसमें लगभग 200 पदार्थ होते हैं। इसका उपयोग पेंट, विस्फोटक, प्लास्टिक, परफ्यूम, छत सामग्री आदि के निर्माण में होता है। सड़क बनाने में भी उपयोग होता है (पहले, आजकल बिटुमेन का ज्यादा उपयोग होता है)।
- कोयला गैस (Coal Gas): कोयले के प्रसंस्करण के दौरान कोक प्राप्त करते समय यह गैस निकलती है। इसका उपयोग उद्योगों में ईंधन के रूप में होता है।
- पेट्रोलियम (Petroleum)
- उत्पत्ति (Formation):
- पेट्रोलियम समुद्र में रहने वाले जीवों से बनता है।
- जब ये जीव मर गए, तो उनके शरीर समुद्र तल पर जम गए और रेत और मिट्टी की परतों से ढक गए।
- लाखों वर्षों में, हवा की अनुपस्थिति, उच्च तापमान और उच्च दबाव के कारण, मृत जीव पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में परिवर्तित हो गए।
परिष्करण (Refining):
- पेट्रोलियम एक गहरा, तैलीय तरल है जिसकी गंध अप्रिय होती है। इसे कच्चा तेल (Crude Oil) भी कहते हैं।
- इसमें पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल (केरोसिन), पैराफिन मोम, स्नेहक तेल (lubricating oil) आदि जैसे विभिन्न घटक होते हैं।
- पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को अलग करने की प्रक्रिया को पेट्रोलियम का परिष्करण (Refining of Petroleum) कहते हैं। यह पेट्रोलियम रिफाइनरी (Petroleum Refinery) में किया जाता है।
पेट्रोलियम के उत्पाद (Products of Petroleum – Petroleum Products): | उत्पाद | उपयोग | | :—– | :— | | एल.पी.जी. (LPG) | घरों में ईंधन | | पेट्रोल | मोटर ईंधन, ड्राई क्लीनिंग के लिए विलायक | | मिट्टी का तेल (केरोसिन) | स्टोव, लैंप और जेट विमानों के लिए ईंधन | | डीज़ल | भारी मोटर वाहनों (ट्रक, बस) और विद्युत जनरेटर के लिए ईंधन | | स्नेहक तेल | चिकनाई देने वाला | | पैराफिन मोम | मोमबत्ती, वैसलीन, कॉस्मेटिक्स | | बिटुमेन | सड़क निर्माण (कोलतार की जगह), पेंट |
- प्राकृतिक गैस (Natural Gas)
- प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम भंडारों के ऊपर पाई जाती है।
- यह एक महत्वपूर्ण जीवाश्म ईंधन है क्योंकि इसका परिवहन पाइपलाइनों द्वारा आसानी से किया जा सकता है।
- यह एक स्वच्छ ईंधन है और कम प्रदूषण फैलाती है।
- संपीड़ित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas – CNG):
- सीएनजी का उपयोग वाहनों (कार, बस) में ईंधन के रूप में किया जाता है।
- इसका उपयोग विद्युत उत्पादन के लिए भी किया जाता है।
- यह कम प्रदूषणकारी है और इसलिए इसे एक स्वच्छ ईंधन माना जाता है।
- कुछ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Some Natural Resources)
- कोयला और पेट्रोलियम समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं। इनके बनने में लाखों साल लगते हैं।
- यदि हम इन्हें वर्तमान दर से उपयोग करते रहे, तो ये जल्दी ही समाप्त हो जाएंगे।
- इनके जलने से वायु प्रदूषण भी होता है और ग्लोबल वार्मिंग में योगदान होता है।
- इसलिए, हमें इन ईंधनों का उपयोग मितव्ययिता से करना चाहिए।
- पीसीआरए (Petroleum Conservation Research Association – PCRA) लोगों को पेट्रोल/डीजल बचाने की सलाह देता है:
- जहाँ तक संभव हो, धीमी और स्थिर गति से गाड़ी चलाएँ।
- ट्रैफिक लाइट पर या जहाँ इंतजार करना हो, इंजन बंद कर दें।
- टायरों का दबाव सही रखें।
- वाहन का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें।
- हमें ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों (Alternative Sources of Energy) पर अधिक निर्भर रहना चाहिए, जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल विद्युत आदि।
