अध्याय 9 – घर्षण
- घर्षण क्या है? (What is Friction?)
- घर्षण एक बल है जो हमेशा दो संपर्क सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करता है।
- यह हमेशा गति की दिशा के विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- उदाहरण: यदि आप किसी किताब को मेज पर दाईं ओर धकेलते हैं, तो घर्षण बल बाईं ओर लगेगा।
- घर्षण को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Friction)
घर्षण निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है:
- सतहों की प्रकृति (Nature of Surfaces):
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- जितनी अधिक खुरदुरी (rough) सतहें होंगी, घर्षण उतना ही अधिक होगा।
- जितनी अधिक चिकनी (smooth) सतहें होंगी, घर्षण उतना ही कम होगा।
- सूक्ष्मदर्शी से देखने पर, सभी सतहों पर कुछ अनियमितताएँ (irregularities) होती हैं। ये अनियमितताएँ एक-दूसरे में फंस जाती हैं, जिससे गति का विरोध होता है।
- संपर्क में सतहों पर लगने वाला बल (Force Pressing the Surfaces Together):
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- यदि दो सतहें एक-दूसरे पर अधिक बल से दब रही हैं, तो घर्षण बढ़ जाएगा।
- उदाहरण: यदि आप एक भारी बक्से को धकेलने की कोशिश करते हैं तो अधिक घर्षण महसूस होता है।
- घर्षण के प्रकार (Types of Friction)
घर्षण मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है:
- स्थैतिक घर्षण (Static Friction):
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- यह घर्षण तब कार्य करता है जब कोई वस्तु विराम अवस्था में हो और उस पर गति करने का प्रयास किया जा रहा हो, लेकिन वह गति न करे।
- यह गति शुरू होने से ठीक पहले तक मौजूद रहता है।
- यह किसी वस्तु को खिसकने से रोकने के लिए आवश्यक बल है।
- उदाहरण: भारी बक्से को हिलाने की कोशिश करना लेकिन वह न हिले।
- सर्पी घर्षण (Sliding Friction):
- यह घर्षण तब कार्य करता है जब एक वस्तु दूसरी वस्तु की सतह पर फिसल रही हो।
- सर्पी घर्षण स्थैतिक घर्षण से कम होता है। यही कारण है कि किसी वस्तु को एक बार गति में लाने के बाद उसे बनाए रखना आसान होता है।
- उदाहरण: माचिस की तीली को माचिस की डिब्बी पर रगड़ना, स्लाइड पर फिसलना।
iii. लोटनिक घर्षण (Rolling Friction):
- यह घर्षण तब कार्य करता है जब एक वस्तु दूसरी वस्तु की सतह पर लुढ़क रही हो।
- लोटनिक घर्षण सर्पी घर्षण से कम होता है।
- यही कारण है कि पहियों का उपयोग करना आसान होता है और रोलर स्केट्स में गति करना आसान होता है।
- घर्षण: एक आवश्यक बुराई (Friction: A Necessary Evil)
घर्षण हमारे लिए कुछ स्थितियों में उपयोगी है और कुछ स्थितियों में हानिकारक।
- घर्षण के लाभ (Advantages of Friction):
- चलना और दौड़ना: घर्षण के बिना हम फिसल जाएंगे।
- लिखना: पेन और पेंसिल घर्षण के कारण ही कागज पर चल पाते हैं।
- वाहनों का चलना और रुकना: टायर और सड़क के बीच घर्षण से वाहन चलते और रुकते हैं। ब्रेक घर्षण के कारण ही काम करते हैं।
- वस्तुओं को पकड़ना: घर्षण हमें वस्तुओं को पकड़ने में मदद करता है।
- माचिस जलाना: घर्षण के कारण आग उत्पन्न होती है।
- नाखून ठोकना: घर्षण के कारण कील दीवार में टिकी रहती है।
घर्षण की हानियाँ (Disadvantages of Friction):
- ऊर्जा की बर्बादी: घर्षण के कारण ऊर्जा गर्मी के रूप में बर्बाद होती है।
- टूट–फूट (Wear and Tear): मशीनों के पुर्जे घर्षण के कारण घिस जाते हैं और खराब हो जाते हैं।
- अकुशलता: मशीनों की दक्षता कम हो जाती है।
- गर्मी उत्पन्न करना: मशीनों में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हो सकती है।
- घर्षण को बढ़ाना और घटाना (Increasing and Reducing Friction)
- घर्षण बढ़ाना (Increasing Friction):
- टायर के खांचे (Treads of Tires): वाहनों के टायरों में खांचे बनाए जाते हैं ताकि सड़क पर बेहतर पकड़ मिल सके और घर्षण बढ़े।
- जूतों की तली (Soles of Shoes): जूतों की तली में भी खांचे होते हैं ताकि चलने में आसानी हो।
- स्पोर्ट्स शूज: खिलाड़ियों के जूतों में स्पाइक्स होते हैं।
- कबड्डी खिलाड़ी: अपने हाथों पर मिट्टी रगड़ते हैं ताकि पकड़ मजबूत हो।
- वाहनों के ब्रेक पैड: ये घर्षण बल से वाहन को रोकते हैं।
घर्षण घटाना (Reducing Friction):
- स्नेहक (Lubricants): तेल, ग्रीस या ग्रेफाइट जैसी सामग्री को मशीनों के गतिशील पुर्जों के बीच लगाया जाता है ताकि घर्षण कम हो सके।
- पहियों का उपयोग (Using Wheels): पहियों का उपयोग करके हम सर्पी घर्षण को लोटनिक घर्षण में बदल देते हैं, जिससे गति आसान हो जाती है (लोटनिक घर्षण सर्पी घर्षण से कम होता है)।
- बॉल बेयरिंग (Ball Bearings): साइकिल, कार और अन्य मशीनों में बॉल बेयरिंग का उपयोग किया जाता है। ये सर्पी घर्षण को लोटनिक घर्षण में बदल देते हैं, जिससे ऊर्जा की बर्बादी कम होती है।
- तरल घर्षण / कर्षण (Fluid Friction / Drag)
- तरल पदार्थ (जैसे हवा और पानी) भी उन वस्तुओं पर घर्षण बल लगाते हैं जो उनमें से होकर गुजरती हैं।
- इस घर्षण बल को कर्षण (Drag) या तरल घर्षण (Fluid Friction) कहते हैं।
- वायु में अत्यधिक तेज गति से चलने वाली वस्तुओं जैसे हवाई जहाज का आकार विशेष रूप से इस तरह बनाया जाता है कि वायु घर्षण कम हो सके। इस प्रक्रिया को धारा रेखीयकरण (Streamlining) कहते हैं।
